अलार्म ऐप जो तब तक बंद नहीं होता जब तक आप उठ न जाएँ
अलार्म ऐप जो बंद नहीं होता: Risly (iOS 26+) में स्नूज़ बटन है ही नहीं। आवाज़ सात मिशनों में से एक पूरा करने पर ही रुकती है: स्कैन, QR, पुश-अप्स या गणित।

छोटा जवाब
मिशन वाला अलार्म वह है जिसकी आवाज़ बटन दबाने से नहीं, बल्कि फ़ोन से जाँचा गया कोई काम पूरा करने पर ही रुकती है: कमरे के दूसरे कोने में रखी कोई चीज़ स्कैन करना, कैमरे से गिने जाने वाले पुश-अप्स, या एक के बाद एक गणित के सवाल। iPhone पर यह काम चार ऐप गंभीरता से करते हैं: Risly, Alarmy, Wayk और SuperAlarm, और इनकी पूरी तुलना यहाँ है। Risly की साफ़ सीमा यह है कि वह सिर्फ़ iOS 26 और उससे ऊपर चलता है और Android पर है ही नहीं।
सुबह जो “पाँच मिनट और” निकलता है, वह आपने नहीं कहा होता। वह आपकी आधी सोई हुई हथेली कहती है, और हथेली को कोई समझा नहीं सकता। मिशन वाला अलार्म बहस में नहीं पड़ता। वह हथेली से चाबी ही छीन लेता है।

सुबह अलार्म बंद करके आप फिर सो क्यों जाते हैं?
क्योंकि बंद करने वाली हरकत इतनी छोटी है कि उसे करने के लिए जागना ज़रूरी ही नहीं। अंगूठा उठा, स्क्रीन पर फिसला, बस। यह हरकत आपने सैकड़ों बार दोहराई है और अब हाथ इसे आपके बिना कर लेता है। बाद में याद तक नहीं रहता कि आपने अलार्म छुआ भी था।
और जिस पल आपसे यह फ़ैसला माँगा जा रहा है, उस पल आप फ़ैसला लेने की हालत में नहीं होते। 2006 में JAMA में छपे एक शोध-पत्र (Wertz और साथी) ने नापकर दिखाया कि आँख खुलने के तुरंत बाद दिमाग़ का प्रदर्शन उससे भी ख़राब रहता है जो छब्बीस घंटे बिना सोए रहने पर होता है। ऐसी हालत में “उठूँ या नहीं” जैसा सवाल पूछना ही ग़लत है। जवाब पहले से तय है।
अलार्म बंद करने के लिए कौन-कौन से मिशन करने पड़ते हैं?
Risly में सात मिशन हैं, और हर अलार्म के लिए आप अलग मिशन लगा सकते हैं। चार कैमरे से चलते हैं, दो स्क्रीन पर होते हैं, एक हरकत से। कैमरे वाले चारों मिशन का पूरा हिसाब फ़ोन के भीतर ही होता है, और वह तस्वीर हम तक नहीं पहुँचती। अपवाद एक ही है और वह आपका चुना हुआ होता है: मॉर्निंग मेमोरीज़ चालू कर लें, तो पास हुए स्कैन की तस्वीर बैकअप में सुरक्षित रहती है। डिफ़ॉल्ट में यह सेटिंग बंद है।
| मिशन | करना क्या पड़ता है | बिस्तर से बाहर कैसे निकालता है |
|---|---|---|
| चीज़ का स्कैन | आपने घर की जो चीज़ें पहले से दर्ज कर रखी हैं, उनमें से ऐप एक चुनता है और सुबह वही स्कैन करनी पड़ती है: गीज़र का स्विच, फ़्रिज, चायपत्ती का डिब्बा। | कौन-सी चीज़ आएगी यह पहले से पता नहीं होता, इसलिए रात को उसे सिरहाने रखकर सोने की चालाकी काम नहीं आती। |
| QR | ऐप की दी हुई शीट का प्रिंट निकालकर घर में जहाँ चाहें चिपका दीजिए: बाथरूम का दरवाज़ा, रसोई की टाइल, सीढ़ी की दीवार। | चिपकी हुई पर्ची रात को दीवार से उतरकर बिस्तर तक नहीं आती। फ़ासला आपने ख़ुद तय किया है और सुबह उससे बहस नहीं हो सकती। |
| बारकोड | घर की ही किसी चीज़ का बारकोड निशाना बन जाता है: बिस्किट का पैकेट, शैम्पू की बोतल, आटे का पैक। | निशाना वहीं पड़ा रहता है जहाँ वह चीज़ रोज़ रहती है: रसोई की अलमारी में, बाथरूम के ताक़ पर। |
| पुश-अप्स | सामने वाला कैमरा आपकी गिनती करता है। | रज़ाई के भीतर लेटे-लेटे यह हो ही नहीं सकता। ज़मीन पर आना पड़ता है, और वहाँ आने के बाद नींद अपने आप उतर जाती है। |
| गणित | एक के बाद एक जुड़े हुए सवाल; कितने आएँगे और कितने कठिन, यह आप तय करते हैं। | सोया हुआ दिमाग़ जोड़-घटाव नहीं करता। दूसरे सवाल तक वह जाग चुका होता है, चाहे आप मानें या न मानें। |
| याददाश्त | ग्रिड पर एक क्रम चमकता है और वही क्रम आपको वापस टैप करना होता है। | देखना, याद रखना, दोहराना: ये तीनों आँख मूँदकर नहीं होते। |
| फ़ोन हिलाना | फ़ोन को तीस बार हिलाना पड़ता है। | तीस बार में साँस तेज़ हो जाती है और नब्ज़ चढ़ जाती है। शरीर पहले जागता है, नींद उसके पीछे-पीछे जाती है। |
स्कैन वाले तीनों मिशन बाक़ी चारों से आगे हैं, और वजह सीधी है: सिर्फ़ वही आपको कमरे से बाहर भेजते हैं। निशाना रसोई में लगा दीजिए। आप चाय चढ़ाने से पहले ही रसोई में खड़े होंगे, और तब तक ख़ुद से मोल-भाव करने का मौक़ा निकल चुका होगा। हर मिशन की बारीकियाँ मिशन वाले पन्ने पर हैं।

दूसरे अलार्म ऐप सुबह बजते ही क्यों नहीं?
क्योंकि iOS उन्हें अलार्म नहीं, एक साधारण ऐप मानता है। बैकग्राउंड में सिस्टम उन्हें रोक सकता है, Focus उनकी सूचनाएँ दबा सकता है, और रात को ऐप को स्वाइप करके हटा दिया तो सुबह कुछ बजेगा ही नहीं। इसी वजह से पुराने ऐप रातभर कोई आवाज़ चुपचाप चलाते रहते थे: जुगाड़, इंतज़ाम नहीं।
इसी वजह से सेटिंग्स की लंबी हिदायतें भी बनीं। Alarmy का अपना मदद-पन्ना कहता है कि साइलेंट मोड चालू न रखें, ऐप को कभी ज़बरदस्ती बंद न करें, और Do Not Disturb तथा हर Focus के भीतर Alarmy को अनुमति-सूची में जोड़ें, यानी Focus बंद करने को नहीं, उसके अंदर एक छूट बनाने को कहा गया है। Apple भी इसी छूट को अपने iPhone यूज़र गाइड में “Allow or silence notifications for a Focus” के नाम से समझाता है; गाइड हिंदी में नहीं आती, इसलिए फ़ोन में यह विकल्प आपको इसी अंग्रेज़ी नाम से मिलेगा।
Risly को इनमें से कुछ नहीं चाहिए, क्योंकि वह आवाज़ नहीं चलाता, बल्कि वह iOS 26 के AlarmKit से एक असली सिस्टम अलार्म लगाता है, वही तंत्र जिस पर iPhone की अपनी Clock चलती है। नतीजा: साइलेंट में बजता है, Focus में बजता है, Do Not Disturb में बजता है, और रात को ऐप ज़बरदस्ती बंद कर दिया हो तब भी बजता है। एक ग़लतफ़हमी यहीं साफ़ कर दें: iPhone का अपना अलार्म भी साइलेंट में बजता है, हमेशा से बजता आया है। हमारी होड़ Clock से नहीं, दूसरे अलार्म ऐप्स से है। पूरी जाँच इस लेख में है, और तंत्र का ब्योरा एंटी-स्नूज़ पन्ने पर।
अपने लिए कौन सा मिशन चुनें?
वही जो आपकी असली कमज़ोरी पर हाथ रखता हो, बाक़ी सब शौक़ की बात है। लोग तीसरे दिन ऐप इसलिए छोड़ते हैं कि उन्होंने पहले दिन ग़लत मिशन चुन लिया, इसलिए यह फ़ैसला दो मिनट देने लायक़ है।
- आप बिस्तर से निकलते ही नहीं: चीज़ का स्कैन, और निशाना जितना दूर हो उतना अच्छा। गीज़र का स्विच, बाथरूम का शीशा, रसोई का डिब्बा।
- आपका घर बड़ा है या कई मंज़िल का: QR। पर्ची वहाँ चिपकाइए जहाँ पहुँचने के बाद वापस लेटने का सवाल ही न उठे।
- आप आधी नींद में चीज़ें ढूँढ़ नहीं पाते: बारकोड। निशाना अपनी जगह पर टिका रहता है और सुबह उसे खोजना नहीं पड़ता।
- आप उठ तो जाते हैं, पर दिमाग़ नहीं चलता: गणित या याददाश्त। तीन सवालों के बाद सुस्ती टूट चुकी होती है।
- घर में कोई और सो रहा है या जगह कम है: फ़ोन हिलाना। कमरे से बाहर नहीं जाना पड़ता।
- आपको सुबह कसरत की आदत डालनी है: पुश-अप्स। कैमरा गिनता है, इसलिए गिनती में बेईमानी की गुंजाइश नहीं।
एक चेतावनी, जो हमने बार-बार सच होते देखी है: पहले ही दिन मिशन को ज़रूरत से ज़्यादा कठिन मत बनाइए। दस सवाल लगाकर लोग पहली सुबह चिढ़ जाते हैं और दोपहर तक ऐप हटा देते हैं। तीन से शुरू कीजिए। सही सेटिंग वह है जिसे आप छह महीने झेल सकें, वह नहीं जो रात को लगाते वक़्त बहादुरी लगे।
पहली सुबह कैसी रहेगी, और आदत कितने दिन में बनती है?
पहली सुबह बुरी रहेगी, इसमें कोई लाग-लपेट नहीं। अलार्म बजेगा, अंगूठा अपनी आदत से स्क्रीन पर फिसलेगा और उसे कुछ मिलेगा ही नहीं। यह एहसास अजीब है, थोड़ा अपमानजनक भी। फिर आप उठकर रसोई तक जाएँगे, डिब्बा स्कैन करेंगे, आवाज़ रुकेगी, और तब पता चलेगा कि आप खड़े हैं, आँखें खुली हैं, और वापस चादर तानने का मन पहले जैसा नहीं रहा।
हर पूरा हुआ मिशन आपका सिलसिला बढ़ाता है और सात सन-निंजा दर्जे धीरे-धीरे खोलता है। लिखने में यह बचकाना लगता है, मानते हैं। नौवीं सुबह, जब आप सिर्फ़ इसलिए उठ जाते हैं कि नौ दिन की मेहनत पर पानी न फिर जाए, तब यह बचकाना नहीं लगता। यह प्रेरणा नहीं, नुक़सान से बचने की ज़िद है, और ज़िद प्रेरणा से कहीं ज़्यादा टिकाऊ चीज़ है।
दो से तीन हफ़्ते दीजिए। उसके बाद एक अजीब बात होती है, जो हमें लोगों की चिट्ठियों से पता चली: आप अलार्म बजने से पहले आँख खोलने लगते हैं। शरीर को पता चल जाता है कि आगे क्या होने वाला है, और वह पहले ही तैयार हो जाता है।
क्या स्नूज़ दबाना सेहत के लिए नुक़सानदेह है?
नापी हुई सीमा तक, नहीं। और यह बात हमारे अपने दावे के ख़िलाफ़ जाती है, फिर भी सही यही है। 2024 में Journal of Sleep Research में Sundelin, Landry और Axelsson का काम छपा, जिसके दो अलग हिस्से हैं और उन्हें आपस में गड्डमड्ड कर देना सबसे आम ग़लती है। पहला हिस्सा 1,732 लोगों से भरवाया गया आदतों का सवालनामा है। उसमें नींद या दिमाग़ की कोई जाँच नहीं हुई, सिर्फ़ लोगों ने बताया कि वे क्या करते हैं। दूसरा हिस्सा प्रयोगशाला में 31 आदतन स्नूज़ करने वालों पर किया गया परीक्षण है: आधे घंटे की स्नूज़बाज़ी में लगभग छह मिनट की नींद कम हुई और दिमाग़ी जाँचों में कोई गिरावट नहीं मिली।
तो छह मिनट। विज्ञान को स्नूज़ बटन से बस इतनी ही शिकायत है। फिर हमने बिना स्नूज़ वाला ऐप क्यों बनाया? इसलिए कि दिक़्क़त सेहत की कभी थी ही नहीं। दिक़्क़त यह है कि वे छह मिनट चालीस बन जाते हैं और आपकी ट्रेन छूट जाती है। इसका पूरा हिसाब स्नूज़ के नुक़सान वाले लेख में है, और छोड़ने का तरीक़ा यहाँ।
साफ़-साफ़ कह दें कि मिशन वाला अलार्म क्या नहीं कर सकता: वह आपको वह नींद वापस नहीं देगा जो आपने ली ही नहीं, और सुबह को सुहानी भी नहीं बनाएगा। वह सिर्फ़ उठना पक्का करता है। रात एक बजे सोकर छह बजे उठने का इंतज़ाम कोई ऐप नहीं कर सकता। वह हिसाब सोने के वक़्त से शुरू होता है, अलार्म से नहीं।
मिशन उठाएगा ज़रूर, नींद पूरी नहीं करेगा
उठने का समय डालिए। यह पूरे नींद-चक्रों के हिसाब से पीछे गिनकर बताता है कि आज रात कब तक लेट जाना चाहिए, और कौन-सा समय सात घंटे से नीचे गिरा देता है।
07:00 बजे उठना है, तो सो जाइए:
- 21:45सुझाव
- 23:15सुझाव
- 00:45
- 02:15
15 मिनट बस एक औसत है, आपके बारे में कोई सच्चाई नहीं। जितने मिनट आप सचमुच करवटें बदलते हैं, वही डालिए; ऊपर के सारे समय उसी के साथ खिसक जाएँगे।
यह ऐप किसके काम का नहीं है?
- Android चलाने वालों के। Risly सिर्फ़ iOS 26 और उससे ऊपर चलता है। भारत में iPhone की हिस्सेदारी करीब 7.5% है (StatCounter, जुलाई 2026), यानी दस में से नौ पाठकों के फ़ोन पर यह चलेगा ही नहीं। उनके लिए ईमानदार सलाह Alarmy है। दोनों की तुलना अलग लेख में है।
- iOS 25 या उससे पुराने पर। AlarmKit ही नहीं है, तो ऐप भी नहीं है। यहाँ कोई बीच का रास्ता नहीं निकलता।
- कोमल जागरण चाहने वालों के। धीमी रोशनी और हल्की धुन से उठना हो तो सनराइज़ लैंप या Sleep Cycle बेहतर हैं। Risly जानबूझकर सख़्त है और उसे नरम करने का कोई बटन नहीं रखा गया (तुलना यहाँ)।
- नींद का हिसाब रखने वालों के। Risly आपके नींद-चरण नहीं गिनता और ग्राफ़ नहीं बनाता। वह एक ही काम करता है और वही ठीक से करता है।
- दो लोग एक कमरे में सोते हों तो सोच लीजिए। स्कैन वाला मिशन आपको कमरे से बाहर भेज देता है, यह अच्छी बात है; पर उससे पहले अलार्म ज़ोर से बजता है, और वह सिर्फ़ आपको नहीं जगाता।
जायज़ सवाल
ऐसा कौन सा अलार्म ऐप है जो बंद नहीं होता?
iPhone पर Risly (iOS 26+)। इसमें स्नूज़ या बंद करने का कोई बटन है ही नहीं। आवाज़ तभी रुकती है जब सात मिशनों में से चुना हुआ एक पूरा हो जाए: चीज़ का स्कैन, QR, बारकोड, पुश-अप्स, गणित, याददाश्त या फ़ोन हिलाना।
क्या Risly में सिर्फ़ चार मिशन हैं?
नहीं, सात हैं। चार कैमरे से चलते हैं (चीज़ का स्कैन, QR, बारकोड, पुश-अप्स), दो स्क्रीन पर होते हैं (गणित, याददाश्त) और एक हरकत से (फ़ोन को तीस बार हिलाना)। हर अलार्म पर अलग मिशन लगाया जा सकता है।
क्या कोई जुगाड़ लगाकर मिशन से बचा जा सकता है?
सबसे आम कोशिश यह होती है कि निशाने वाली चीज़ की तस्वीर पहले से खींच ली जाए। स्कैन सीधे कैमरे से असली चीज़ माँगता है, इसलिए बची हुई इकलौती चालाकी यही है कि उस चीज़ को रात को सिरहाने रख लिया जाए, और वह सोच-समझकर लिया गया फ़ैसला होता है, आदतन हरकत नहीं। यही फ़र्क़ पूरा काम करता है।
ऐप स्वाइप करके बंद कर दूँ तो भी अलार्म बजेगा?
हाँ। Risly AlarmKit के ज़रिए सिस्टम अलार्म लगाता है, अपनी तरफ़ से कोई आवाज़ नहीं चलाता, इसलिए ऐप बंद होने पर भी वह वैसे ही बजता है जैसे Clock ऐप का अलार्म बजता है।
कैमरे वाले मिशन की तस्वीरें कहीं भेजी जाती हैं?
स्कैन, QR, बारकोड और पुश-अप्स: चारों का हिसाब फ़ोन के भीतर ही होता है, और अपने आप कुछ भी अपलोड नहीं होता। तस्वीर सिर्फ़ तब सर्वर पर जाती और सेव रहती है जब आप मॉर्निंग मेमोरीज़ का बैकअप ख़ुद चालू करें; डिफ़ॉल्ट में वह बंद है। बाक़ी सवालों के जवाब FAQ में हैं।
स्रोत
- Wertz और साथी, 2006, JAMA: आँख खुलने के तुरंत बाद दिमाग़ी प्रदर्शन 26 घंटे जागते रहने से भी ख़राब
- Sundelin, Landry और Axelsson, 2024, Journal of Sleep Research: 31 आदतन स्नूज़ करने वालों पर प्रयोगशाला परीक्षण (लगभग 6 मिनट नींद कम, कोई दिमाग़ी गिरावट नहीं) और 1,732 लोगों का अलग आदत-सवालनामा
- Apple Developer: AlarmKit फ़्रेमवर्क का दस्तावेज़ (iOS 26)
- Alarmy (iOS) मदद-केंद्र, “No ring / My alarm didn’t ring”: साइलेंट मोड, ज़बरदस्ती बंद करना और Focus की अनुमति-सूची
- Apple, iPhone यूज़र गाइड (भारत): “Allow or silence notifications for a Focus”
- StatCounter Global Stats, भारत में मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम की हिस्सेदारी: iOS 7.5% (जुलाई 2026)
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